गुलकंद खाने के फायदे, नुकसान व खाने का तरीका

Benefits, Disadvantages And Method Of Eating Gulkand Hindi: गुलकंद का स्वाद आपने कभी ना कभी जरूर चखा होगा। गुलकंद खाने से हमारे स्वास्थ्य को कई सारे फायदे होते हैं, इसलिए गुलकंद का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और भारतीय व्यंजनों में भी किया जाता है। गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद देखने में जितना अच्छा लगता हैं उतना ही अच्छा यह खाने में स्वाद होता है। गुलकंद को गुलाब की पंखुड़ियों का मुरब्बा भी कहते हैं। गुलकंद खाने के कई सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

गर्मियों के मौसम में गुलकंद खाने से शरीर को ठंडक पहुंचती है। गुलकंद का उपयोग दूध के साथ करने से इसके फायदों में कई गुना बढ़ोतरी हो जाती हैं। गुलकंद हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करता है। इसलिए यह सुस्ती, खुजली, थकान व हाथों पैरों में जलन की समस्या में भी खाया जाता है। आइये जानते हैं गुलकंद खाने के फायदे, नुकसान, बनाने की विधि व खाने के तरीके (Benefits disadvantages and method of eating Gulkand) के बारे में-

गुलकंद क्या है? (What is Gulkand?)

यह गुलकंद दो शब्दों से मिलकर बना हैं – ‘गुल’ और ‘कंद’। ‘गुल’ जिसका मतलब होता है ‘गुलाब’ और ‘कंद’ का अर्थ है ‘मीठा’। गुलकंद ताजा गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बना एक मीठा खाद्य पदार्थ है। इसके नियमित रूप से सेवन करने पर मिलने वाले फायदों को देखते हुए इसे आयुर्वेद में सबसे अच्छी दवाओं में से एक माना जाता है।
गुलाब का वैज्ञानिक नाम – रोजा हाइब्रिडा (Rosa Habrida) / रोजा दमास्केना

गुलकंद में पोषक तत्त्वों की मात्रा (Nutritional Value of Gulkand)

  • मोइस्चर : 84.5%
  • कार्बोहाइड्रेट : 70.4 ग्राम
  • प्रोटीन : 0.5 ग्राम
  • फैट्स : 0.2 ग्राम
  • विटामिन सी : 0.2 मिलीग्राम
  • आयरन : 3.7 मिलीग्राम
  • कैल्शियम : 120 मिलीग्राम
  • फाइबर : 1.2 ग्राम

गुलकंद खाने के फायदे – (Benefits of Eating Gulkand)

पेट संबंधी समस्या में

Benefits, Disadvantages And Method Of Eating Gulkand Hindi: आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग गलत खानपान की वजह से पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या से परेशान है। पेट में गर्मी की वजह से हमें कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जैसे अपच, पेट में मरोड़, गले में छाले और गले में जलन आदि। गुलकंद में विटामिन बी, सी ओर ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए जो भी पेट की समस्या से पीड़ित हैं उन्हें गुलकंद का नियमित रूप से सेवन अवश्य करना चाहिए।
नियमित रूप से गुलकंद का सेवन करने से इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है क्योंकि गुलकंद पेट में ठंडक पहुंचाता है और गर्मी को कम करता है। नियमित रूप से गुलकंद का सेवन करने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है।

गैस व एसिडिटी की समस्या को दूर करने वाले योगासन

वजन कम करने के लिए (Gulkand Benefits for Weight Loss)

गुलकंद को गुलाब की पत्तियों से तैयार किया जाता है। जिनमें फैट नहीं होता नहीं होता है इसलिए लो फैट वाले खाद्य पदार्थ वजन को कम करने में सहायक होते हैं। गुलाब की पंखुड़ियों में मौजूद लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक गुण मेटाबॉलिज्म तेज करने में सहायता करते हैं मेटाबॉलिज्म तेज होने पर शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होने लगती है। जिस कारण हमारा वजन नियंत्रित रहता है।

आंखों के लिए (Gulkand Benefits for Eyes)

गुलकंद का रोजाना सेवन करना आंखों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। गुलकंद के सेवन से आंखों में जलन से लेकर मोतियाबिंद तक की समस्याओं में आराम मिलता है। यह आंखों को ठंडक पहुंचाता है। गुलकंद के सेवन से आंख में होने वाली सूजन और आंखों के लाल होने की समस्या का भी इलाज किया जा सकता है। गुलकंद आंखों की रोशनी को बढ़ाता है।

त्वचा के लिए (Gulkand Benefits for Skin)

गुलकंद का रोजाना सेवन करना त्वचा संबंधी कई बिमारियों का इलाज करने में सहायक हैं क्योंकि गुलकंद में मुख्य रूप से विटामिन सी और फ्लेवोनॉयड्स होते हैं। जिनका स्तर काफी ऊंचा होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। जिस के कारण गुलकंद खाने से मुहासे कम होते हैं तथा यह त्वचा को सूरज की रोशनी से भी बचाता है और हमारे खून को साफ करता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि गुलकंद खाने से चेहरे निखार आता है और त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है।

हृदय के लिए (Gulkand Benefits for Heart)

Benefits, Disadvantages And Method Of Eating Gulkand Hindi: गुलकंद में मैग्नीशियम नामक तत्त्व होता है। जो ब्लड प्रेशर और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने सहायता करता है और हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करता है। जिससे हमारा हृदय स्वस्थ बना रहता है।

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याददाश्त के लिए (Benefits of Gulkand for memory)

याददाश्त बढ़ाने के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट गुण सीखने और याददाश्त क्षमता को अच्छा बनाए रखने के लिए मदद करता है।

थकान व तनाव को कम करने के लिए

गुलकंद एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका नियमित सेवन थकान, मांसपेशियों में दर्द, जलन, सुस्ती और मानसिक तनाव को कम करने में सहायता करता है।

इसके अलावा गुलकंद खाने के अन्य फायदे इस प्रकार हैं-

  • गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट जाते हैं जो सूजन को कम करने में सहायता करते हैं।
  • गुलकंद शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ा देता है जो कब्ज में राहत दिलाने में सहायक है।
  • गर्मी के मौसम में जिन बच्चों के नाक से खून निकलने की समस्या होती है उन्हें गुलकंद का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • इसके सेवन से औरतों में पुराने संक्रमण, योनि संक्रमण के कारण होने वाले पीले स्त्राव को कम करने में मदद मिलती है।
  • गुलकंद के नियमित उपयोग से मानसिक तनाव कम होता है जिससे अच्छी नींद आती है।

गुलकंद खाने के नुकसान (Disadvantages of Eating Gulkand)

वैसे तो गुलकंद खाने के कोई नुकसान नहीं है परंतु जिन लोगों को शुगर की बीमारी है उनको लगातार गुलकंद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें चीनी या शक्कर मात्रा होती है।

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गुलकंद खाने का तरीका (How to Eat gulkand)

  • इसको को सुबह और शाम नाश्ते के समय खाया जा सकता है।
  • गुलकंद को खाना खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद खाना चाहिए।
  • गुलकंद को दूध के साथ करना काफी अच्छा माना जाता है।
  • दिन में गुलकंद को एक या दो बार खाना चाहिए।
  • गुलकंद का सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए।
  • बच्चों के लिए – 2 से 3 ग्राम
  • वयस्कों के लिए – 10 से 20 ग्राम
  • गर्भावती महिला के लिए – 5 से 10 ग्राम
  • वृद्ध लोगों के लिए – 5 से 7 ग्राम

घर पर गुलकंद बनाने की विधि (How to Make Gulkand at Home)

आवश्यक सामग्री

  • 250 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियां
  • पिसी हुई मिश्री लगभग 250 ग्राम
  • एक छोटा चम्मच पीसी हुई इलायची
  • आधा चम्मच पीसी हुई सौंफ

बनाने की विधि

  • सबसे पहले गुलाब की ताजा पंखुड़ियों को लेवें।
  • उन्हें एक कपड़े पर फैला कर अच्छी से साफ पानी से धो लें।
  • पानी सूख जाने पर पंखुड़ियों को चौडें आकार वाले बर्तन में डाल लेवें ।
  • अब बर्तन में गुलाब की पंखुड़ियों के साथ मिश्री डालकर हाथों से अच्छी तरह मिक्स कर दें।
  • इसके बाद ऊपर से पीसी हुई इलायची और पीसी हुई सौंफ मिलाकर कांच के एक बर्तन में अच्छी तरह बंद कर दें।
  • कांच के बर्तन को 8 – 10 दिनों तक धूप रखा रहने दें।
  • दिन में एक बार बर्तन को हिला दें।
  • मिश्री का रस निकलने से गुलाब की पंखुड़ियां इसमें पिघल जाएंगी।
  • इस तरह घर पर बना गुलकंद लगभग तैयार हो जाएगा। इसे आप खाने के लिए उपयोग में ले सकते हैं।

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Updated: October 28, 2023 — 2:16 PM

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