एसिडिटी और गैस की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए करे ये 7 योगासन, तुरंत मिलेगा फायदा

Do these 7 Yogasanas to get rid of acidity and gas problems: आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में गलत खानपान की वजह से एसिडिटी और गैस की समस्या काफी ज्यादा आम हो चुकी है। ये समस्या शायद सुनने में ज्यादा बड़ी न हो, लेकिन एसिडिटी और गैस की वजह से पीड़ित व्यक्ति (पुरुष/ महिला) को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता हैं|

गैस और एसिडिटी की परेशानी अधिकतर उन लोगों को होती है, जो ज्यादा तीखा, मसालेदार और ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थो को खाना पसंद करते हैं| ये समस्या ज्यादा फ़ास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक या चाय व कॉफ़ी  के सेवन या समय पर खाना न खाने के कारण भी हो सकती हैं| इसके अलावा अधिक वजन, स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति और प्रेग्नेंट महिला को गैस और एसिडिटी की समस्या का अधिक सामना करना पड़ता हैं|

यदि आप भी गैस और एसिडिटी की समस्या से परेशान हैं तो कुछ सरल से योग आसनों के द्वारा इससे छुटकारा पा सकते है| आइए जानते हैं गैस और एसिडिटी से राहत देने वाले योग आसनों के बारे में-

एसिडिटी और गैस की समस्या को दूर करने के लिए अपनाएं ये योगासन

नौकासन  (Naukasana)

अगर आपको एसिडिटी की समस्या हैं तो आपको नियमित रूप से नौकासन का अभ्यास करना चाहिए। नौकासन का अभ्यास करने से एसिडिटी से तुरंत आराम मिल सकता है। नौकासन पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। इस आसन से मसल्स मजबूत होती है जिसके कारण पेट के निचले अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है| जिससे पाचनतंत्र बेहतर ढंग से काम करता है और गैस व एसिडिटी जैसी समस्या से छुटकारा मिलता हैं|

Naukasana

नौकासन करने की विधि

  • सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठकर पैरों को सामने की तरफ एकदम सीधा रखें|
  • दोनों हाथों को पीछे की तरफ फर्श पर रखें।
  • अब शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखें।
  • सांस को बाहर की तरफ छोड़ें।
  • अपने दोनों पैरों को फर्श से 45 डिग्री के कोण पर ऊपर की तरफ उठायें|
  • टखनों को ऊपर उठाकर आंख की सीध में लेकर आइये।
  • इस स्थिति में आप अपने बट और टेलबोन पर होंगे।
  • अब दोनों हाथों को ऊंचा उठाएं और फर्श के समानांतर सीधा करियें ।
  • साँस लेने की गति सामान्य रखे और सांस लेते और छोड़ते रहियें।
  • 10 से 20 सेकंड तक इस पोजीशन में रहें।
  • अभ्यास हो जाने पर समय बढ़ा दें।
  • अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाइये|

पिम्पल्स को स्थायी रूप से हटाने के घरेलू उपाय

दंडासन (Dandasana -Staff Pose)

Do these 7 Yogasanas to get rid of acidity and gas problems: यह आसन करने से एसिडिटी या पेट में गैस की परेशानी को कम करने में मदद मिलती हैं। यह योग आपके पेट की अपच की परेशानी को कम कर सकता है। इसके अलावा मन को शांत करने में और कब्ज की समस्या से भी इस योग की मदद से राहत मिल सकती है। दंडासन का नियमित अभ्यास करने से पाचन तन्त्र मजबूत होता हैं| हमारे लिए एसिड रिफ्लेक्स और ब्लोटिंग आदि पाचन संबंधी समस्या अत्यधिक तकलीफदायक और अस्वास्थ्यकर होती हैं। इन सभी प्रकार की समस्या से दंडासन आसन के द्वारा छुटकारा पाया जा सकता है।

Dandasana -Staff Pose

दंडासन करने की विधि

  • जमीन पर बैठ जाएं और अपने पैरों को अपने सामने सीधा रखे|
  • जितना संभव हो उतने अपने पैरों को आगे की ओर सीधा करें।
  • अपने पैरों को एक साथ मिला कर रखें| पैरों की उँगलियों को अंदर की तरफ और तलवों को बाहर की तरफ करने की कोशिश करें|
  • अपनी पीठ को एकदम सीधा रखें|
  • अपनी रीढ़ को सपोर्ट देने के लिए अपने हाथों को जमीन पर टिकाकर बिल्कुल सीधा रखें और हथेलियां  कूल्हों के दोनों ओर फर्श पर सपाट और अंगुलियाँ सामने की ओर रहें।
  • जमीन को हाथों से दबाते हुए रीढ़ की हड्डी को और सीधा करें|
  • अपनी दृष्टी को अपनी नाक पर केन्द्रित करें|
  • अब 5 बार साँस अंदर लें और 5 बार ही बाहर छोड़े इस प्रक्रिया में 60 सेकंड से ज्यादा समय न लें|

अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)

अर्धमत्स्येन्द्रासन आसन करने से आपके पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है| जिससे साँस तेज़ी से चलती हैं और पाचन तंत्र को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। बेहतर ऑक्सीजन के कारण पाचन क्रिया मजबूत होती हैं जिससे एसिडिटी की समस्या दूर होती है| इस आसन से शरीर से गंदगी और अन्य मलबा बाहर निकल जाता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन से पेट के सभी अंग वृक्क (किडनी), यकृत (लीवर), अग्न्याशय (पैनक्रयाज) प्रभावित होते हैं और वो सही से काम करते हैं|

Ardha Matsyendrasana

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने की विधि

  • जमीन पर बैठ जाएँ और दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाएं।
  • बाएं पैर को इस तरह मोड़ें कि दाएं घुटने के उपर से लाकर बाएं पैर को जमीन पर रखें।
  • अब राइट साइड के पैर को मोड़ें और पैर को बाएं नितंब के पास जमीन पर रखें।
  • लेफ्ट हैंड को दांये घुटने के ऊपर रखें और दाहिने पैर के पंजे को लेफ्ट हाथ से पकड़िये।
  • दाहिनें हाथ को कमर के पास से लेकर पीठ के पीछे ले जाकर नाभि को पीछे से छूने की कोशिश करियें।
  • अपने सिर को दाहिने ओर मोड़कर पीछे की ओर देखने का प्रयास करियें|
  • अब पीछे मुड़कर देखियें कि आप किस तरह साँस छोड़ते हैं।
  • आसन अपने अनुसार करें।
  • इस प्रकार यह आधा चक्र हुआ हैं अब इसी क्रिया को दूसरी ओर से करियें तब यह एक चक्र पूरा होगा|

पश्चिमोतानासन (Paschimottanasana)

Do these 7 Yogasanas to get rid of acidity and gas problems: यदि आप गैस की समस्या से परेशान हैं तो आप पश्चिमोतानासन योग के नियमित अभ्यास से आप पेट में गैस और बढ़ते मोटापे को कंट्रोल कर सकते हों|  इस आसन से रीढ़ की हड्डी सहित सिर से एड़ी तक के सभी अंगों में खिंचाव उत्पन्न होता है, जिसके कारण शरीर का लचीलापन बढ़ता है| पश्चिमोत्तानासन करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है| जिससे खाना न पचने के कारण अक्सर कब्ज एवं खट्टी डकार आने की तकलीफ से राहत मिलती है। इसके अलावा रोजाना इस आसन का अभ्यास करने से किडनी, लिवर, महिलाओं का गर्भाशय एवं अंडाशय अधिक सक्रिय होता है। पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास खाली पेट ही करें। यह योग ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता हैं|

Paschimottanasana

(Paschimottanasana) पश्चिमोतानासन करने की विधि

  • जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को एकदम सीधा रखें। दोनों पैरों को एकदम सटाकर रखें। साथ ही गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को भी सीधा रखें।
  • अब अपनी दोनों हथेलियों को दोनों घुटनों पर रखियें ।
  • अब अपने सिर और धड़ को आगे की ओर झुकाते हुए अपने घुटनों को बिना मोड़े हाथों की उंगलियों से पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें।
  • अब गहरी साँस लें और धीरे से साँस को छोड़िये। अपने सिर और माथे से दोनों घुटनों से छूने की करियें|
  • भुजाओं को झुकाएं और कोहनी से जमीन को टच करिये|
  • साँस को पूरी तरह छोड़ दीजियें और इसी पोजीशन में कुछ देर तक बने रहें।
  • कुछ सेकेंड के बाद वापस पहली वाली पोजिशन में आ जाइए।
  • अब सामान्य तरीकें से साँस लें और इस आसन को 3 से 4 बार करियें।

पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana)

Do these 7 Yogasanas to get rid of acidity and gas problems: पवनमुक्तासन पेट के भारीपन को कम करने, रक्त संचार को बढ़ाने, नर्वस सिस्टम में सुधार करने और पेट से गैस को बाहर निकालने में सहायता करता है। इसके अलावा यह हानिकारक विषाक्त पदार्थों को भी शरीर से बाहर करता है।

इस योग से पेट में गैस की परेशानी से राहत पाई जा सकती हैं। इस योग द्वारा पाचन शक्ति मजबूत होती हैं जिससे भोजन का पाचन अच्छे से हो पाता है। अगर आप लंबे समय से पेट में गैस की समस्या हैं तो आप  इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास जरूर करें।

Pawanmuktasana

पवनमुक्तासन करने की विधि

  • जमीन पर कमर के बल आराम से लेट जाएं। अपने हाथों को शरीर के साइड में रखें।
  • लेटे हुए गहरी सांस लेते रहें।
  • अब सांस को बाहर छोड़ते हुए दोनोंघुटनों को अपनी छाती की ओर लाइए और अपनी जांघों को अपने पेट तक लाते हुए हाथों से दबाएं।
  • फिर से गहरी सांस लें।
  • जब आप सांस छोड़ते हैं, तो अपने सिर को फर्श से ऊपर की ओर उठाएं और नाक व माथे से घुटनों को छूने की कोशिश करिये।
  • गहरी और लंबी सांस लेते हुए 10 से 30 सेकंड तक इस आसन में बने रहें|
  • शुरुआती स्थिति में वापस आने के लिए धीरे-धीरे इस मुद्रा से बाहर आइए । पहले अपने सिर को नीचे लाएं और फिर अपने पैरों को सीधा करें।
  • इस आसन के 2-3 बार करें और फिर आराम करें।

वज्रासन (Vajrasana)

Do these 7 Yogasanas to get rid of acidity and gas problems: यह एक ऐसा आसन हैं जिसे आप दिन में कभी भी कर सकते हैं| यह एकमात्र ऐसा आसन है जो खाने के तुरंत बाद करने पर बहुत ज्यादा असरदार होता है। वज्रासन को करने से न केवल पाचन प्रक्रिया ठीक रहती है बल्कि लोवर बैकपेन से भी आराम मिलता है। वज्रासन के कारण रक्त का प्रवाह नाभि की ओर होता है। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती हैं और पेट से संबंधित रोग भी दूर होते हैं।  

Vajrasana

वज्रासन करने की विधि

  • सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर घुटनों के बल बैठ जायें ।
  • दोनों पैरों की उंगलियां एक साथ और एड़ियों को अलग रखें।
  • अब हिप्स को टखनों के उपर टिकाएं और हाथों को घुटनों पर रखियें।
  • सिर और पीठ को सीधा रखें।
  • घुटनों को आपस में जोड़ लें।
  • इसके बाद आंखों को बंद कर लीजियें और सामान्य रूप से सांस लेते रहिये।
  • इस स्थिति में कम से कम 10 मिनट तक बैठने की कोशिश करें।
  • अगर वज्रासन का अभ्यास करते हुए घुटनों में दर्द महसूस हो तो इस आसन को बलपूर्वक न करें।

हलासन (Halasana)

इस आसन करने से पाचन तंत्र के अंगों की मसाज हो जाती हैं जिससे पाचन सुधारने में मदद मिलती है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में, हलासन को कब्ज, अपच और अन्य पाचन समस्याओं के लिए लाभदायक माना गया है| हलासन डायबिटीज (ब्लड शुगर ) को भी कंट्रोल करता हैं|

Halasana

हलासन करने की विधि

  • सबसे पहले जमीन पर बैठकर आराम से पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों हाथों को शरीर के पास रखिये और हथेलियां को जमीन की ओर रखियें।
  • अब सांस लेते हुए अपने पैरों को ऊपर की ओर उठाते हुए 90 डिग्री का कोण बनाएं।
  • यदि पैरों को उठाने में दिक्कत होती है तो आप अपने हाथों से कमर को सहारा दे सकते हैं।
  • अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों के पंजों को जमीन से छूने की कोशिश कीजिये।
  • अब हाथों को कमर से हटा लीजिये और जमीन पर सीधा रखियें।
  • इस पोजिशन में सामान्य तरीके से सांस लेते रहियें।
  • अब धीरे – धीरे सामान्य स्थिति में आ जाइये|

ये भी पढ़े –

ब्लड शुगर (डायबिटीज ) को कंट्रोल करने के 5 आसान उपाय

Updated: October 28, 2023 — 1:50 PM

1 Comment

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *